मुझे इतनी फुर्सत कहाँ कि मैं तक़दीर का लिखा देखूं;
बस अपने दोस्तों की मुस्कराहट देख कर समझ जाता हूँ
कि मेरी तक़दीर बुलंद है!♥
खुदा सें कोई बात अन्जान नही होती.
इन्सान की बंदगी बेईमान नही होती!
कभी तो माँगा होगा हमने एक प्यारा सा रिश्ता.
वर्ना यूँ ही आपसे पहचान नही होती...!
"दरिया रास्ते निकाल तो लेता है मगर,
कितने गाँव उजड़ जाते है नहीं देखता"....
रात के टुकड़ों पे पलना छोड़ दे
शमा से कह दों के जलना छोड़ दे
मुश्किलें तो हर सफ़र का हुस्न हैं,
कैसे कोई राह चलना छोड़ दे
दिल जब टूटता है तो आवाज नहीं आती!
हर किसी को मुहब्बत रास नहीं आती!
ये तो अपने-अपने नसीब की बात है!
कोई भूलता नहीं और किसी को याद भी नहीं आती!
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछीयों को..
याद तो उनकी आती है जो उड़ जाया करते है.
रफ्तार जिन्दगी की कुछ यू बनाये रखियेँ
दुश्मन कोई आगे निकल न पाये और दोस्त कोई पीछे छूट न जाये
ख़ुशी पाने क चक्कर में गवां दी हर ख़ुशी हमने
हम कैसे लोग हैं जो खुद को समझदार कहते हैं
किसी का साँस तक लेना भी जिसमे हो जाए दूभर
क्यों चाहने वाले इस चाहत को ही अब प्यार कहते हैं
दिल की अमीरी बाज़ार में नहीं मिलती !
सच्ची दोस्ती हर डाल पे नहीं खिलती !!
अपनों पे सदा ऐतबार रखो दोस्त...!
क्यों की सच्ची दोस्ती बार - बार नहीं मिलती !!
एक मुलाकात करो हम से इनायत समझ कर !
देंगे जिंदगी का हिसाब क़यामत समझ कर !!
कभी हमारी दोस्ती पर शक न करना....!
हम दोस्ती भी करते हैं तो इबादत समझ कर !!
पास बैठकर दिल उदास नहीं होता !
वक़्त गुजरते हैं कैसे ये एहसास नहीं होता !!
बिछर कर भर आती हैं आँखे......!
मगर आंसू पोछने के लिए कोई पास नहीं होता !!
दिल को खरीदने वाले हजार मिल जायेंगे !
आपको दगा देने वाले हजार मिल जायेंगे !!
मिलेगा न आपको हम जैसा कोई.....!
मिलने को तो दोस्त बेसुमार मिल जायेंगे !!
न जाने मौत क्यों नहीं आती !
ये साँस बंद क्यों नहीं हो जाती !!
नफरत हैं इस जिंदगी से मुझे !
न जाने फिर भी खुदा को मेरी याद क्यों नहीं आती !!
हर सपना खुशी का पूरा नहीं होता,
कोई किसी के बिना अधुरा नहीं होता,
जो रोशन करता है सब रातों को,
वो चाँद भी तो हर बार पूरा नहीं होता
प्यार के उजाले में गम का अंधेरा क्युँ है,
जिसको हम चाहें वही रूलाता क्युँ है,
मेरे रबा अगर वो मेरा नसीब नही तो..
ऐसे लोगों से हमें मिलाता क्युँ है..
बुलंदियाँ मेरे राहों में होगी
ज़ज़बात इन निगाहों में होगी
गर खुदा का साथ रहे हमेशा
तो मंजिल हमारे इरादों में होगी.
दिया तो खामोश है मगर दिल तो जलता है
चले आओ जहां तक रोशनी नज़र आये
तेरे हमनाम को जब कोई पुकारे है क्काहीन
जी धड़क जाता है मेरा कि कहीं तू ही ना हो
दिल से खेलना हमे आता नहीं
इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए
शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें
इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए
खामोशिया तेरी मुझसे बातें करती है,
मेरी हर आह हर दर्द समझती है,
पता है मजबूर है तू भी और मैं भी ,
फिर भी आँखें तेरे दीदार को तरसती है,
दोस्ती होती नहीं, भूल जाने के लिए,
बेशक दोस्त मिलते नहीं, बिखर जाने के लिए,
लेकिन दोस्ती करके खुश रहोगे इतना,
की वक़्त ही नहीं मिलेगा, आंसू बहाने के लिए!
आँखों में ही देखा दिल में उतरकर नहीं देखा ,
कश्ती के मुशाफिर ने समंदर नहीं देखा ,
और पत्थर ही समझते रहे मेरे चाहने वाले ,
मै मोम था उसने कभी छूकर नहीं देखा....
राह तकते है हम उनके इंतज़ार में!
साँसे भरते हैं उनके एक दीदार में!
रात न कटती है न होता है सवेरा!
जबसे दिल के हर कोने में हुआ है आपका बसेरा!
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो
कुछ यूँ चला है तेरे 'इश्क' का जादू
सोते जागते तुम ही तुम नज़र आते हो .
बस अपने दोस्तों की मुस्कराहट देख कर समझ जाता हूँ
कि मेरी तक़दीर बुलंद है!♥
खुदा सें कोई बात अन्जान नही होती.
इन्सान की बंदगी बेईमान नही होती!
कभी तो माँगा होगा हमने एक प्यारा सा रिश्ता.
वर्ना यूँ ही आपसे पहचान नही होती...!
"दरिया रास्ते निकाल तो लेता है मगर,
कितने गाँव उजड़ जाते है नहीं देखता"....
रात के टुकड़ों पे पलना छोड़ दे
शमा से कह दों के जलना छोड़ दे
मुश्किलें तो हर सफ़र का हुस्न हैं,
कैसे कोई राह चलना छोड़ दे
दिल जब टूटता है तो आवाज नहीं आती!
हर किसी को मुहब्बत रास नहीं आती!
ये तो अपने-अपने नसीब की बात है!
कोई भूलता नहीं और किसी को याद भी नहीं आती!
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछीयों को..
याद तो उनकी आती है जो उड़ जाया करते है.
रफ्तार जिन्दगी की कुछ यू बनाये रखियेँ
दुश्मन कोई आगे निकल न पाये और दोस्त कोई पीछे छूट न जाये
ख़ुशी पाने क चक्कर में गवां दी हर ख़ुशी हमने
हम कैसे लोग हैं जो खुद को समझदार कहते हैं
किसी का साँस तक लेना भी जिसमे हो जाए दूभर
क्यों चाहने वाले इस चाहत को ही अब प्यार कहते हैं
दिल की अमीरी बाज़ार में नहीं मिलती !
सच्ची दोस्ती हर डाल पे नहीं खिलती !!
अपनों पे सदा ऐतबार रखो दोस्त...!
क्यों की सच्ची दोस्ती बार - बार नहीं मिलती !!
एक मुलाकात करो हम से इनायत समझ कर !
देंगे जिंदगी का हिसाब क़यामत समझ कर !!
कभी हमारी दोस्ती पर शक न करना....!
हम दोस्ती भी करते हैं तो इबादत समझ कर !!
पास बैठकर दिल उदास नहीं होता !
वक़्त गुजरते हैं कैसे ये एहसास नहीं होता !!
बिछर कर भर आती हैं आँखे......!
मगर आंसू पोछने के लिए कोई पास नहीं होता !!
दिल को खरीदने वाले हजार मिल जायेंगे !
आपको दगा देने वाले हजार मिल जायेंगे !!
मिलेगा न आपको हम जैसा कोई.....!
मिलने को तो दोस्त बेसुमार मिल जायेंगे !!
न जाने मौत क्यों नहीं आती !
ये साँस बंद क्यों नहीं हो जाती !!
नफरत हैं इस जिंदगी से मुझे !
न जाने फिर भी खुदा को मेरी याद क्यों नहीं आती !!
हर सपना खुशी का पूरा नहीं होता,
कोई किसी के बिना अधुरा नहीं होता,
जो रोशन करता है सब रातों को,
वो चाँद भी तो हर बार पूरा नहीं होता
प्यार के उजाले में गम का अंधेरा क्युँ है,
जिसको हम चाहें वही रूलाता क्युँ है,
मेरे रबा अगर वो मेरा नसीब नही तो..
ऐसे लोगों से हमें मिलाता क्युँ है..
बुलंदियाँ मेरे राहों में होगी
ज़ज़बात इन निगाहों में होगी
गर खुदा का साथ रहे हमेशा
तो मंजिल हमारे इरादों में होगी.
दिया तो खामोश है मगर दिल तो जलता है
चले आओ जहां तक रोशनी नज़र आये
तेरे हमनाम को जब कोई पुकारे है क्काहीन
जी धड़क जाता है मेरा कि कहीं तू ही ना हो
दिल से खेलना हमे आता नहीं
इसलिये इश्क की बाजी हम हार गए
शायद मेरी जिन्दगी से बहुत प्यार था उन्हें
इसलिये मुझे जिंदा ही मार गए
खामोशिया तेरी मुझसे बातें करती है,
मेरी हर आह हर दर्द समझती है,
पता है मजबूर है तू भी और मैं भी ,
फिर भी आँखें तेरे दीदार को तरसती है,
दोस्ती होती नहीं, भूल जाने के लिए,
बेशक दोस्त मिलते नहीं, बिखर जाने के लिए,
लेकिन दोस्ती करके खुश रहोगे इतना,
की वक़्त ही नहीं मिलेगा, आंसू बहाने के लिए!
आँखों में ही देखा दिल में उतरकर नहीं देखा ,
कश्ती के मुशाफिर ने समंदर नहीं देखा ,
और पत्थर ही समझते रहे मेरे चाहने वाले ,
मै मोम था उसने कभी छूकर नहीं देखा....
राह तकते है हम उनके इंतज़ार में!
साँसे भरते हैं उनके एक दीदार में!
रात न कटती है न होता है सवेरा!
जबसे दिल के हर कोने में हुआ है आपका बसेरा!
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो
कुछ यूँ चला है तेरे 'इश्क' का जादू
सोते जागते तुम ही तुम नज़र आते हो .
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