एक अजीब-सा मंज़र नज़र आता है
हर एक कतरा समंदर नज़र आता है
कहाँ जाकर बनाऊं मैं घर शीशे का
हर एक हाथ में पत्थर नज़र आता है.
खामोशियां तेरी मुझसे बात करती हैं,
बड़े अजीब हैं ये जिन्दगी के रास्ते,
अनजान मोड़ पर कुछ लोग दोस्त बन जाते हैं,
मिलने की खुशी दे या न दे,
बिछड़ने का गम जरूर दे जाते हैं
मत करो कोई वायदा जिसे तुम निभा न सको,
मत चाहो उसे जिसे तुम पा न सको,
प्यार कहां किसी का पूरा होता है,
इसका तो पहला शब्द की अधूरा होता है।
मेरी हर खता पर नाराज न होना,
अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी न खोना,
सुकून है देख कर आपकी मुस्कुराहट को,
मुझे मौत भी आए तो भी मत रोना।
भूलना तुम्हें न आसान होगा,
जो भूले तुम्हें वो नादान होगा,
आप तो बसते हो रूह में हमारी,
आप हमें न भुलाएं ये आपको अहसान होगा।
कभी किसी से जिक्र-ए-जुदाई मत करना,
इस दिल से कभी रुसवाई मत करना,
जब दिल उठ जाए हमसे तो बता देना,
ना बता कर बेवफाई मत करना।
ज़िन्दगी में हमेशा नये लोग मिलेंगे
कहीं ज़्यादा तो कहीं कम मिलेंगे
ऐतबार ज़रा सोचकर करना
मुमकिन नहीं, हर जगह तुम्हें हम मिलेंगे
===========================
लोग अपना बना के छोड़ देते हैं
रिश्ता गैरों से जोड़ लेते हैं
हम तो एक फूल भी न तोड़ सके
लोग तो दिल भी तोड़ देते हैं
साथ तो मांगने से मिल सकता है
लेकीन प्यार मांगने से नही मिलता
क्योंकि प्यार किया नहीं जाता प्यार तो हो जाता है
दिल से दिल को जब कोई प्यारा लगता है।
तनहाइयों में ही इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यूं तो नींद नहीं आती हमें रातभर,
मगर सोते-सोते जगना इश्क है।
तनहाइयों में ही इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यूं तो नींद नहीं आती हमें रातभर,
मगर सोते-सोते जगना इश्क है।
यादों की धुंध में आपकी परछाईं सी लगती है,
कानों में गूंजती शहनाई सी लगती है,
आप करीब हैं तो अपनापन है,
वरना सीने में सांसें भी पराई सी लगती हैं।
जब-जब घिरे बादल तेरी याद आई,
जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आई,
जब-जब मैं भीगा तेरी याद आई,
अब रहा नहीं जाता जान लौट के आ जा।
दिल अभी उदास है,
और वक्त बीता नहीं।
नसीब की किताब से,
हिसाब जीता नहीं।
टूटा है जब भ्रम,
आंखे होती हैं क्यूं नम।
क्यूं मंजिल करीब हो,
तो हार जाते हैं कदम।
ये कौन से सवाल हैं,
जवाब सूझता नहीं।
जहां भर की बात की,
जो बात थी नहीं कही।
वो कौन सी है बेबसी,
वो कौन सा अजब है।
की जिसके रू से आज,
मेरा नाम भी खराब है।
हर एक कतरा समंदर नज़र आता है
कहाँ जाकर बनाऊं मैं घर शीशे का
हर एक हाथ में पत्थर नज़र आता है.
खामोशियां तेरी मुझसे बात करती हैं,
मेरी हर आह हर दर्द समझती हैं,
पता है मजबूर है तू भी और मैं भी,
फिर भी आंखें तेरे दीदार को तरसती हैं।बड़े अजीब हैं ये जिन्दगी के रास्ते,
अनजान मोड़ पर कुछ लोग दोस्त बन जाते हैं,
मिलने की खुशी दे या न दे,
बिछड़ने का गम जरूर दे जाते हैं
मत करो कोई वायदा जिसे तुम निभा न सको,
मत चाहो उसे जिसे तुम पा न सको,
प्यार कहां किसी का पूरा होता है,
इसका तो पहला शब्द की अधूरा होता है।
मेरी हर खता पर नाराज न होना,
अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी न खोना,
सुकून है देख कर आपकी मुस्कुराहट को,
मुझे मौत भी आए तो भी मत रोना।
भूलना तुम्हें न आसान होगा,
जो भूले तुम्हें वो नादान होगा,
आप तो बसते हो रूह में हमारी,
आप हमें न भुलाएं ये आपको अहसान होगा।
कभी किसी से जिक्र-ए-जुदाई मत करना,
इस दिल से कभी रुसवाई मत करना,
जब दिल उठ जाए हमसे तो बता देना,
ना बता कर बेवफाई मत करना।
ज़िन्दगी में हमेशा नये लोग मिलेंगे
कहीं ज़्यादा तो कहीं कम मिलेंगे
ऐतबार ज़रा सोचकर करना
मुमकिन नहीं, हर जगह तुम्हें हम मिलेंगे
===========================
लोग अपना बना के छोड़ देते हैं
रिश्ता गैरों से जोड़ लेते हैं
हम तो एक फूल भी न तोड़ सके
लोग तो दिल भी तोड़ देते हैं
साथ तो मांगने से मिल सकता है
लेकीन प्यार मांगने से नही मिलता
क्योंकि प्यार किया नहीं जाता प्यार तो हो जाता है
दिल से दिल को जब कोई प्यारा लगता है।
तनहाइयों में ही इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यूं तो नींद नहीं आती हमें रातभर,
मगर सोते-सोते जगना इश्क है।
तनहाइयों में ही इश्क है,
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है,
यूं तो नींद नहीं आती हमें रातभर,
मगर सोते-सोते जगना इश्क है।
यादों की धुंध में आपकी परछाईं सी लगती है,
कानों में गूंजती शहनाई सी लगती है,
आप करीब हैं तो अपनापन है,
वरना सीने में सांसें भी पराई सी लगती हैं।
जब-जब घिरे बादल तेरी याद आई,
जब झूम के बरसा सावन तेरी याद आई,
जब-जब मैं भीगा तेरी याद आई,
अब रहा नहीं जाता जान लौट के आ जा।
दिल अभी उदास है,
और वक्त बीता नहीं।
नसीब की किताब से,
हिसाब जीता नहीं।
टूटा है जब भ्रम,
आंखे होती हैं क्यूं नम।
क्यूं मंजिल करीब हो,
तो हार जाते हैं कदम।
ये कौन से सवाल हैं,
जवाब सूझता नहीं।
जहां भर की बात की,
जो बात थी नहीं कही।
वो कौन सी है बेबसी,
वो कौन सा अजब है।
की जिसके रू से आज,
मेरा नाम भी खराब है।
बहुत दूर मगर बहुत पास रहते हो,
आंखों से दूर मगर दिल के पास रहते हो,
मुझे बस इतना बता दो क्या,
तुम भी मेरे बिना उदास रहते हो।
हर खामोशी में एक बात होती है,
हर दिल में एक याद होती है,
आपको पता हो या न हो,
आपकी खुशी के लिए रोज फरियाद होती है।
काश ये जिंदगी हंसीन होती,
खुद के चाहने से हर दुआ कुबूल होती है,
कहने को तो सब अपने हैं पर,
काश कोई ऐसा होता जिसे मेरे दर्द से तकलीफ होती।
No comments:
Post a Comment